रांची। झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों की अचल संपत्ति को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपे गए वार्षिक संपत्ति विवरण (आईपीआर) के अनुसार राज्य कैडर के कुल 125 आईपीएस अधिकारियों में से 117 ने अपनी अचल संपत्तियों का ब्यौरा जमा कर दिया है। इस विवरण में सामने आया है कि वर्ष 2025 के दौरान 10 आईपीएस अधिकारियों ने नई जमीन या फ्लैट खरीदे हैं, जबकि अन्य अधिकारियों की संपत्तियां पहले से दर्ज हैं।
संपत्ति विवरण के मुताबिक 2025 में अचल संपत्ति खरीदने वाले अधिकारियों में अनिल पाल्टा, आशीष बत्रा, अजय लिंडा, अश्विनी कुमार सिन्हा, शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल, आनंद प्रकाश, पूज्य प्रकाश, राजकुमार मेहता, सहदेव साव और सौरभ शामिल हैं। इन अधिकारियों द्वारा खरीदी गई अधिकांश संपत्तियां रांची और उसके आसपास के इलाकों में हैं, जबकि कुछ निवेश अन्य राज्यों में भी किए गए हैं।
एनआईए में आईजी पद पर पदस्थ आशीष बत्रा ने पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर में 504 वर्गयार्ड का एक आवासीय प्लॉट खरीदा है, जिसकी कीमत 4.33 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं अनिल पाल्टा ने पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्द्धमान जिले के जमालपुर में 198 डिसमिल जमीन 4.50 लाख रुपये में खरीदी है।
रांची जिले में भी कई वरिष्ठ अधिकारियों ने जमीन और फ्लैट में निवेश किया है। अजय लिंडा ने नगड़ी थाना क्षेत्र के डोरियाटोली में 14.1 डिसमिल जमीन 32.43 लाख रुपये में खरीदी। अश्विनी कुमार सिन्हा ने नगड़ी स्थित सुगदा में सात लाख रुपये की जमीन ली है। एसीबी के आईजी शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने कांटाटोली स्थित वासुदेव रेसिडेंसी में 16.66 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदा।
बोकारो के डीआईजी आनंद प्रकाश ने रांची के अरगोड़ा स्थित अशोक नगर बुद्ध विहार के तेजस्वी अपार्टमेंट में 55 लाख रुपये की लागत से फ्लैट लिया है। वहीं सीआईडी के एसपी पूज्य प्रकाश ने पिठोरिया के सुतियांबे में 34 डिसमिल जमीन 7.82 लाख रुपये में खरीदी। जामताड़ा के एसपी राजकुमार मेहता ने सुगदा में 11.8 डिसमिल जमीन 3.50 लाख रुपये में ली है। एसीबी के एसपी सहदेव साव ने गिरिडीह के खोरीमहुआ में 40 डिसमिल जमीन 3.30 लाख रुपये में खरीदी है, जबकि देवघर के एसपी सौरभ ने वैशाली जिले के मनिहारी में अपनी दादी के नाम पर 15 लाख रुपये की जमीन खरीदने की जानकारी दी है।
हालांकि अभी भी आठ आईपीएस अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति का विवरण जमा नहीं किया है। इनमें मनीलाल मंडल, प्रभात कुमार, सरोजनी लकड़ा, पितांबर सिंह खेरवार, राकेश रंजन, नाजिश उमर अंसारी, शुभम मीणा और विपिन दुबे के नाम शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन अधिकारियों से संपत्ति विवरण जमा कराने की प्रक्रिया जारी है।
झारखंड के आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति से जुड़ा यह विवरण सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, खासकर रांची में बढ़ते रियल एस्टेट निवेश को लेकर।